कटा बिजली कनेक्शन, फिर भी जलाया बल्ब तो जेल तय! यूपी में बिजली चोरी पर निगम का ‘सीक्रेट रेड प्लान’ लागू

Wed 21-Jan-2026,07:37 PM IST +05:30

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कटा बिजली कनेक्शन, फिर भी जलाया बल्ब तो जेल तय! यूपी में बिजली चोरी पर निगम का ‘सीक्रेट रेड प्लान’ लागू UPPCL Secret Raid
  • कटा कनेक्शन होने पर अवैध बिजली उपयोग पर जेल संभव.

  • यूपीपीसीएल का गोपनीय ‘सीक्रेट रेड प्लान’ लागू.

  • बिजली लेने और देने वाले दोनों पर सख्त कार्रवाई.

Uttar Pradesh / Lucknow :

Lucknow / उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक सख्त और चौंकाने वाली चेतावनी सामने आई है। बकाया बिजली बिल के कारण जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन काट दिया गया है, अगर वे इसके बावजूद पड़ोसी या किसी अन्य स्रोत से अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करते पाए गए, तो अब सीधे जेल जाने का रास्ता खुल सकता है। बिजली निगम ने बिजली चोरी पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए एक गोपनीय छापेमारी अभियान तैयार किया है, जिसे अधिकारियों की भाषा में ‘सीक्रेट रेड प्लान’ कहा जा रहा है।

बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, राज्य में लंबे समय से बिजली चोरी और बकाया बिल की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। कई क्षेत्रों में कनेक्शन कटने के बाद भी लोग पड़ोसी से तार जोड़कर या अस्थायी जुगाड़ के जरिए बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न सिर्फ निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि ईमानदारी से बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी को देखते हुए निगम ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का फैसला किया है।

नए अभियान के तहत निगम की विशेष टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के छापेमारी करेंगी। ये टीमें खासतौर पर उन इलाकों पर नजर रखेंगी, जहां बकाया बिल के कारण बड़ी संख्या में कनेक्शन काटे गए हैं। यदि जांच के दौरान यह पाया गया कि कटा हुआ कनेक्शन होने के बावजूद किसी घर में बिजली जल रही है, तो मौके पर ही बिजली चोरी का मामला दर्ज किया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित थाने में तत्काल एफआईआर भी कराई जाएगी, जिससे आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

निगम के सूत्रों का कहना है कि इस बार कार्रवाई सिर्फ कागजी नहीं होगी। पड़ोसी से अवैध रूप से तार जोड़कर बिजली लेने के मामलों में दोनों पक्षों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यानी बिजली लेने वाला ही नहीं, बल्कि बिजली देने वाला पड़ोसी भी कानूनी शिकंजे में आएगा। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, बिजली चोरी का केस और जरूरत पड़ने पर जेल की सजा तक का प्रावधान किया गया है।

बिजली निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह गोपनीय रखा गया है ताकि चोरी करने वालों को भनक तक न लगे। टीमों को साफ निर्देश हैं कि मौके पर सबूत जुटाए जाएं, फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए और नियमों के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए। अधिकारियों का कहना है कि पहले लोग जुगाड़ को आसान रास्ता समझते थे, लेकिन अब यह आदत उन्हें भारी पड़ सकती है।

निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि उनका कनेक्शन बकाया बिल के कारण काटा गया है, तो वे जल्द से जल्द बकाया राशि जमा कर वैध तरीके से कनेक्शन बहाल कराएं। अवैध तरीके से बिजली इस्तेमाल करना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पूरे सिस्टम पर असर पड़ता है। निगम का स्पष्ट संदेश है कि अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

यूपीपीसीएल से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और राजस्व में सुधार होगा। साथ ही, यह अभियान एक सामाजिक संदेश भी देगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। निगम का साफ कहना है। अगर कनेक्शन कटा है तो अंधेरे में रहना ही बेहतर है, क्योंकि जुगाड़ से जलाया गया एक बल्ब भी आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है।